Thursday, June 2, 2022

2/6/2022 Panchang


*🌞 ~ आज का हिन्दू पंचांग ~🌞*
*⛅दिनांक 02 जून 2022*
*⛅दिन - गुरुवार*
*⛅विक्रम संवत - 2079*
*⛅शक संवत - 1944*
*⛅अयन - उत्तरायण*
*⛅ऋतु - ग्रीष्म*
*⛅मास - ज्येष्ठ*
*⛅पक्ष - शुक्ल*
*⛅तिथि - तृतिया रात्रि 12:17 तक तत्पश्चात चतुर्थी*
*⛅नक्षत्र - आर्द्रा अपरान्ह 04:04 तक तत्पश्चात पुनर्वसु*
*⛅योग - गण्ड रात्रि 02:37 तक तत्पश्चात वृद्धि*
*⛅राहुकाल - अपरान्ह 02:19 से 04:00 तक*
*⛅सूर्योदय - 05:54*
*⛅सूर्यास्त - 07:22*
*⛅दिशाशूल - दक्षिण दिशा में*
*⛅ब्रह्म मुहूर्त- प्रातः 04:29 से 05:12 तक*
*⛅निशिता मुहूर्त - रात्रि 12.17 से 12:59 तक*
*⛅व्रत पर्व विवरण- महाराणा प्रताप व छत्रसाल जयंती*
*⛅ विशेष - तृतीया को परवल खाना शत्रुओं की वृद्धि करने वाला है । (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*
*🔷सिर व बालों की समस्याओं से बचने हेतु🔷*
*👉सर्वांगासन ठीक ढंग से करते रहने से बालों की जड़ें मजबूत होती हैं, बाल झड़ने बंद हो जाते हैं और जल्दी सफेद नहीं होते अपितु काले, चमकीले और सुंदर बन जाते हैं । आँवले का रस कभी – कभी बालों की जड़ों में लगाने से उनका झड़ना बंद हो जाता है । ( सर्वांगासन की विधि आदि पढ़े आश्रम से प्रकाशित पुस्तक ‘योगासन’ के पृष्ठ १५ पर । )*
*👉युवावस्था से ही दोनों समय भोजन करने के बाद वज्रासन में बैठकर दो – तीन मिनट तक लकड़ी की कंघी सिर में घुमाने से बाल जल्दी सफेद नहीं होते तथा बाल और मस्तिष्क की पीड़ा संबंधी रोग नहीं होते । सिरदर्द दूर होकर मस्तिष्क बलवान बनता है । बालों का जल्दी गिरना, सिर की खुजली व गर्मी आदि रोग दूर होने में सहायता मिलती है । गोझरण अर्क में पानी मिलाकर बालों को मलने से वे मुलायम, पवित्र, रेशम जैसे हो जाते हैं । घरेलू उपाय बाजारू चीजों से सात्त्विक, सचोट और सस्ते हैं ।*
*🔹प्यास व भूख लगने पर..*
*प्यास लगे तो जल पियें, भूख तो भोजन खायें ।*
*भ्रमण करे नित भोर में, ता घर वैद्य न जायें ।।*
*🌹जो सदा प्यास लगने पर ही पानी पीता है, भूख लगने पर ही भोजन करता है और नियमितरुप से प्रात:काल में भ्रमण करता है, उसके घर वैद्य नहीं जाते, अर्थात वह स्वस्थ्य रहता है ।*
🕉️🚩🌹💐🌲🌲💐🌹🚩🕉️

1/6/2022 Panchang

2/6/2022 Panchang


*🌞 ~ आज का हिन्दू पंचांग ~🌞*
*⛅दिनांक 02 जून 2022*
*⛅दिन - गुरुवार*
*⛅विक्रम संवत - 2079*
*⛅शक संवत - 1944*
*⛅अयन - उत्तरायण*
*⛅ऋतु - ग्रीष्म*
*⛅मास - ज्येष्ठ*
*⛅पक्ष - शुक्ल*
*⛅तिथि - तृतिया रात्रि 12:17 तक तत्पश्चात चतुर्थी*
*⛅नक्षत्र - आर्द्रा अपरान्ह 04:04 तक तत्पश्चात पुनर्वसु*
*⛅योग - गण्ड रात्रि 02:37 तक तत्पश्चात वृद्धि*
*⛅राहुकाल - अपरान्ह 02:19 से 04:00 तक*
*⛅सूर्योदय - 05:54*
*⛅सूर्यास्त - 07:22*
*⛅दिशाशूल - दक्षिण दिशा में*
*⛅ब्रह्म मुहूर्त- प्रातः 04:29 से 05:12 तक*
*⛅निशिता मुहूर्त - रात्रि 12.17 से 12:59 तक*
*⛅व्रत पर्व विवरण- महाराणा प्रताप व छत्रसाल जयंती*
*⛅ विशेष - तृतीया को परवल खाना शत्रुओं की वृद्धि करने वाला है । (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*
*🔷सिर व बालों की समस्याओं से बचने हेतु🔷*
*👉सर्वांगासन ठीक ढंग से करते रहने से बालों की जड़ें मजबूत होती हैं, बाल झड़ने बंद हो जाते हैं और जल्दी सफेद नहीं होते अपितु काले, चमकीले और सुंदर बन जाते हैं । आँवले का रस कभी – कभी बालों की जड़ों में लगाने से उनका झड़ना बंद हो जाता है । ( सर्वांगासन की विधि आदि पढ़े आश्रम से प्रकाशित पुस्तक ‘योगासन’ के पृष्ठ १५ पर । )*
*👉युवावस्था से ही दोनों समय भोजन करने के बाद वज्रासन में बैठकर दो – तीन मिनट तक लकड़ी की कंघी सिर में घुमाने से बाल जल्दी सफेद नहीं होते तथा बाल और मस्तिष्क की पीड़ा संबंधी रोग नहीं होते । सिरदर्द दूर होकर मस्तिष्क बलवान बनता है । बालों का जल्दी गिरना, सिर की खुजली व गर्मी आदि रोग दूर होने में सहायता मिलती है । गोझरण अर्क में पानी मिलाकर बालों को मलने से वे मुलायम, पवित्र, रेशम जैसे हो जाते हैं । घरेलू उपाय बाजारू चीजों से सात्त्विक, सचोट और सस्ते हैं ।*
*🔹प्यास व भूख लगने पर..*
*प्यास लगे तो जल पियें, भूख तो भोजन खायें ।*
*भ्रमण करे नित भोर में, ता घर वैद्य न जायें ।।*
*🌹जो सदा प्यास लगने पर ही पानी पीता है, भूख लगने पर ही भोजन करता है और नियमितरुप से प्रात:काल में भ्रमण करता है, उसके घर वैद्य नहीं जाते, अर्थात वह स्वस्थ्य रहता है ।*
🕉️🚩🌹💐🌲🌲💐🌹🚩🕉️

3/6/2022 panchang

*🌞 ~ आज का हिन्दू पंचांग ~🌞*
*⛅दिनांक 03 जून 2022*
*⛅दिन - शुक्रवार*
*⛅विक्रम संवत - 2079*
*⛅शक संवत - 1944*
*⛅अयन - उत्तरायण*
*⛅ऋतु - ग्रीष्म*
*⛅मास - ज्येष्ठ*
*⛅पक्ष - शुक्ल*
*⛅तिथि - चतुर्थी रात्रि 02:41 तक तत्पश्चात पंचमी*
*⛅नक्षत्र - पुनर्वसु शाम 07:05 तक तत्पश्चात पुष्य*
*⛅योग - वृद्धि रात्रि 03:34 तक  तत्पश्चात ध्रुव*
*⛅राहुकाल - सुबह  10:57 से दोपहर 12:38 तक*
*⛅सूर्योदय - 05:54*
*⛅सूर्यास्त - 07:22*
*⛅दिशाशूल - पश्चिम दिशा में*
*⛅ब्रह्म मुहूर्त- प्रातः 04:29 से 05:12 तक*
*⛅निशिता मुहूर्त - रात्रि 12.17 से 12:59 तक*
*⛅व्रत पर्व विवरण- विनायक चतुर्थी, गुरु अर्जुनदेवजी शहीदी दिवस*
*⛅ विशेष - चतुर्थी को मूली खाने से धन का नाश होता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*
*🔹कलह-क्लेश, रोग व दुर्बलता मिटाने का उपाय🔹*
*🌹जिसको घर में कलह-क्लेश मिटाना हो, रोग या शारीरिक दुर्बलता मिटाना हो वह इस चौपाई की पुनरावृत्ति किया करे :*
*बुद्धिहीन तनु जानिके, सुमिरौ पवन-कुमार।*
*बल बुधि बिद्या देहु मोहिं, हरहु कलेस बिकार ।।*
*🔹घरेलु सात्त्विक शिशु आहार (Baby Food)*
*🔹आजकल बालकों को दूध के आलावा बाजारू बेबीफूड (फँरेक्स आदि) खिलाने की रीति चल पड़ी है। बेबीफूड बनाने की प्रक्रिया में अधिकांश पोषक तत्त्व नष्ट हो जाते हैं, कई बार कृत्रिम रूप से वापस मिलाये जाते हैं, जिसे बालकों की आंतें अवशोषित नही कर पाती। बेबीफूड का मुख्य घटक अतिशय महीन पिसा हुआ गेहूँ का आटा है, जो चिकना होने के कारण आंतों में चिपक जाता है। आटा पीसने के बाद एक हप्ते में ही गुणहीन हो जाता है जबकि बेबीफूड तैयार होने के बाद हाथ में आने तक तो कई हफ्ते गुजर जाते हैं। ऐसे हानिकारक बेबीफूड की अपेक्षा शिशुओं के लिए ताजा, पौष्टिक व सात्त्विक खुराक परम्परागत रीति से हम घर में ही बना सकते हैं।*
*🔹विधि : १ कटोरी चावल (पुराने हो तो अच्छा), २ - २ चम्मच मूँग की दाल व गेंहूँ – इन सबको साफ करके धोकर छाँव में अच्छी तरह से सुखा लें। धीमी आँच पर अच्छे – से सेंक लें। मिक्सर में महीन पीस के छान लें। ३ – ४ माह के बालक के लिए शुरुआत में आधा कप पानी में आधा छोटा चम्मच मिलाकर पका लें। थोडा–सा सेंधा नमक डालकर पाचनशक्ति अनुसार दिन में एक या दो बार दे सकते हैं। धीरे-धीरे मात्रा बढ़ाते जायें। बालक बड़ा होने पर इसमें उबली हुई हरी सब्जियाँ, पिसा जीरा, धनिया भी मिला सकते हैं। हर ७ दिन बाद ताजा खुराक बना लें।*
*🔹यह स्वादिष्ट व पचने में अतिशय हल्का होता है। साथ ही शारीरिक विकास के लिए आवश्यक प्रोटीन्स, खनिज व कार्बोहाइड्रेटस की उचित मात्रा में पूर्ति करता है।*
🕉️🌹💐🌲🚩🚩🌲💐🌹🕉️

Tuesday, May 31, 2022

31/5/2022 panchang

🕉️ *~ हिन्दू पंचांग ~* 🕉️
 🌤️ *दिनांक - 31 मई 2022*
🌤️ *दिन - मंगलवार*
🌤️ *विक्रम संवत - 2079 (गुजरात-2078)*
🌤️ *शक संवत -1944*
🌤️ *अयन - उत्तरायण*
🌤️ *ऋतु - ग्रीष्म ऋतु* 
🌤️ *मास - ज्येष्ठ*
🌤️ *पक्ष - शुक्ल* 
🌤️ *तिथि - प्रतिपदा शाम 07:18 तक तत्पश्चात द्वितीया*
🌤️ *नक्षत्र - रोहिणी सुबह 10:01 तक तत्पश्चात मृगशिरा*
🌤️ *योग - धृति रात्रि 12:34 तक तत्पश्चात शूल*
🌤️ *राहुकाल - शाम 03:56 से शाम 05:36 तक*
🌞 *सूर्योदय - 05:57*
🌦️ *सूर्यास्त - 19:15*
👉 *दिशाशूल - उत्तर दिशा में*
🚩 *व्रत पर्व विवरण - गंगा दशहरा, प्रारंभ चंद्र- दर्शन*
🔥 *विशेष - प्रतिपदा को कूष्माण्ड(कुम्हड़ा, पेठा) न खाये, क्योंकि यह धन का नाश करने वाला है।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*
🌷 *घर की शोभा बढ़ाने के लिए* 🌷
🏡 *१. किसी का बुरा न माने , किसी का बुरा ना सोचे..तो घर स्वर्ग हो जायेगा*
🏡 *२ .आव नही, आदर नही, नही नयनन मे नेह*
*तुलसी वा घर ना जायियो चाहे कंचन बरसे गेह*
*आप के घर मे कोई आये तो उस को आदर दीजिये आप के घर की शोभा बढेगी..*
🏡 *३. "हे प्रभु आनंद दाता" ये प्रार्थना रोज घर मे सब मिलकर गाओ तो घर स्वर्ग हो जाये..*
*कंठस्थ करो....घर के झगडे दूर होंगे...।*
🌷 *अपाचन हो तो* 🌷
➡ *अपाचन बढ़ा तो अजवाईन, सोठ और काली मिर्च का मिश्रण करके वो पाउडर एक चुटकी ले तो पाचन ठीक होगा...सुबह ले ले और २/३ घंटे बाद भोजन करे.
🌷 *गंगा स्नान का मंत्र* 🌷
➡️ *31 मई 2022 मंगलवार से गंगा दशहरा प्रारंभ।*
🙏🏻 *गंगा स्नान के लिए रोज हरिद्वार तो जा नही सकते, घर में ही गंगा स्नान का पुण्य मिलने के लिए एक छोटा सा मन्त्र है ..*
🌷 *ॐ ह्रीं गंगायै ॐ ह्रीं स्वाहा*
🙏🏻 *ये मन्त्र बोलते हुए स्नान करें तो गंगा स्नान का लाभ होता है | गंगा दशहरा के दिन इसका लाभ जरुर लें ....*
🙏🏻🌷💐🌸🌼🌹🍀🌺💐🙏🏻

️ *~ Hindu Panchang ~* ️
  ️ *Date - 31st May 2022*
 ️ *Day - Tuesday*
 ️ *Vikram Samvat - 2079 (Gujarat-2078)*
 ️ *Shaka Samvat-1944*
 ️ *Ayan - Uttarayan*
 ️ *season - summer season*
 ️ * month - eldest *
 ️ *Paksha - Shukla*
 ️ * Date - Pratipada till 07:18 after that Dwitiya *
 ️ *constellation - rohini till 10:01 in the morning then mrigashira*
 ️ *Yoga - Dhriti night till 12:34 after that shool*
 ️ *Rahukal - 03:56 pm to 05:36 pm*
 *sunrise - 05:57*
 ️ *Sunset - 19:15*
 *Dishashul - in the north direction*
 * Vrat festival details - Ganga Dussehra, start moon - Darshan*
 * Special - Do not eat Kushmanda (Kumhda, Petha) on Pratipada, because it is the destroyer of wealth. (Brahmavaivarta Purana, Brahma Khand: 27.29-34)*
 * to enhance the beauty of the house *
 *1. Don't think bad of anyone, don't think bad of anyone.. then the house will become heaven.
 * 2 .No, no respect, no nayan me neh*
 * Don't go to Tulsi or home even if Kanchan rains wheat.
 * If someone comes to your house, give respect to him, the beauty of your house will increase..
 *3. Sing this prayer every day in the house together, "O Lord, the giver of joy", then the house becomes heaven..
 * do it by memorization….the quarrels of the house will be far away….*
 * if there is indigestion*
 * If indigestion increases, mix ajwain, dry ginger and black pepper and take a pinch of that powder, then digestion will be fine... take it in the morning and eat after 2/3 hours.
 *Mantra of Ganga bath*
 ️ *Ganga Dussehra starts from Tuesday, 31st May 2022.*
 🙏🏻 * you cannot go to Haridwar everyday for bathing in the Ganges, there is a small mantra to get the virtue of bathing in the Ganges at home..*
 *ॐ Hreem Gangaai Hreem Swaha*
 🙏🏻 * If you take a bath while speaking this mantra, then there is a benefit of bathing in the Ganges. Take advantage of this on the day of Ganga Dussehra....
 

27/5/2022 Panchang

*🌞 ~ आज का हिन्दू पंचांग ~ 🌞*
*⛅दिनांक 27 मई 2022*
*⛅दिन - शुक्रवार*
*⛅विक्रम संवत - 2079*
*⛅शक संवत - 1944*
*⛅अयन - उत्तरायण*
*⛅ऋतु - ग्रीष्म*
*⛅मास - ज्येष्ठ*
*⛅पक्ष - कृष्ण*
*⛅तिथि - द्वादशी सुबह 11:47 तक तत्पश्चात त्रयोदशी*
*⛅नक्षत्र - आश्विनी रात्रि 12:39 तक तत्पश्चात भरणी*
*⛅योग - सौभाग्य रात्रि 10:09 तक  तत्पश्चात शोभन*
*⛅राहुकाल - सुबह 10:56 से दोपहर 12:37 तक*
*⛅सूर्योदय - 05:55*
*⛅सूर्यास्त - 07:19*
*⛅दिशाशूल - पश्चिम दिशा में*
*⛅ब्रह्म मुहूर्त- प्रातः 04:30 से 05:12 तक*
*⛅निशिता मुहूर्त - रात्रि 12.16 से 12:58 तक*
*⛅व्रत पर्व विवरण- प्रदोष व्रत*
*⛅ विशेष - द्वादशी को पूतिका(पोई) अथवा त्रयोदशी को बैंगन खाने से पुत्र का नाश होता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*
*⛅स्कंद पुराण के अनुसार द्वादशी के दिन बिल्ववृक्ष का पूजन करना चाहिए। इससे ब्रह्महत्या आदि महापाप भी नष्ट हो जाते हैं।*
*🔹प्रदोष व्रत🔹* 
*हिंदू पंचांग के अनुसार, प्रत्येक महिने की दोनों पक्षों की त्रयोदशी तिथि पर प्रदोष व्रत किया जाता है। ये व्रत भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए किया जाता है। इस बार  27 मई, शुक्रवार को प्रदोष व्रत है। इस दिन भगवान शिव की विशेष पूजा की जाती है। प्रदोष पर व्रत व पूजा कैसे करें और इस दिन क्या उपाय करने से आपका भाग्योदय हो सकता है, जानिए…*
 👉🏻 *ऐसे करें व्रत व पूजा*
 *- प्रदोष व्रत के दिन सुबह स्नान करने के बाद भगवान शंकर, पार्वती और नंदी को पंचामृत व गंगाजल से स्नान कराएं।*
 *- इसके बाद बेल पत्र, गंध, चावल, फूल, धूप, दीप, नैवेद्य (भोग), फल, पान, सुपारी, लौंग, इलायची भगवान को चढ़ाएं।*
 *- पूरे दिन निराहार (संभव न हो तो एक समय फलाहार) कर सकते हैं) रहें और शाम को दुबारा इसी तरह से शिव परिवार की पूजा करें।*
 *- भगवान शिवजी को घी और शक्कर मिले जौ के सत्तू का भोग लगाएं। आठ दीपक आठ दिशाओं में जलाएं।*
 *- भगवान शिवजी  की आरती करें। भगवान को प्रसाद चढ़ाएं और उसीसे अपना व्रत भी तोड़ें।उस दिन  ब्रह्मचर्य का पालन करें।*
 👉🏻 *ये उपाय करें*
*सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि करने के बाद तांबे के लोटे से सूर्यदेव को अर्ध्य देें। पानी में आकड़े के फूल जरूर मिलाएं। आंकड़े के फूल भगवान शिवजी  को विशेष प्रिय हैं । ये उपाय करने से सूर्यदेव सहित भगवान शिवजी  की कृपा भी बनी रहती है और भाग्योदय भी हो सकता है।*
*🔹विद्यार्थी ऐसा संकल्प करें🔹*
*सुबह उठकर संकल्प करोः 'आज के दिन मैं समय का सदुपयोग करूँगा। खेलने के समय मन लगाकर खेलूँगा, पढ़ने के समय मन लगाकर पढूँगा, काम करने के समय दिल लगाकर काम करूँगा और दिल लगाकर दाता (भगवान) का सुमिरन व ध्यान करूँगा।'* 
🌲🌲🌹🏵️🚩🚩🏵️🌹🌲🌲

*🌞 ~ Today's Hindu Panchang ~ *
 *⛅dated 27th May 2022*
 *⛅Day - Friday*
 *⛅Vikram Samvat - 2079*
 *Shak Samvat - 1944*
 *⛅ Ayan - Uttarayan*
 *⛅season - summer*
 *⛅ month - eldest*
 *⛅ Paksha - Krishna*
 * date - twadashi till 11:47 in the morning, then Trayodashi *
 * Nakshatra - Ashwini night till 12:39 after that Bharani *
 *⛅Yoga - good luck till 10:09 after that Shobhan*
 *⛅ Rahukal - from 10:56 am to 12:37 pm*
 *⛅Sunrise - 05:55*
 *⛅Sunset - 07:19*
 *⛅Dishashul - in the west direction*
 *⛅Brahma Muhurta- from 04:30 to 05:12 in the morning*
 *Nishita Muhurta - night from 12.16 to 12:58*
 *Vrat festival description- Pradosh fast*
 * Special - Eating brinjal on Dwadashi or Pootika on Trayodashi destroys the son. (Brahmavaivarta Purana, Brahma Khand: 27.29-34)*
 According to the Skanda Purana, the Bilva tree should be worshiped on the day of Dwadashi. By this the great sins like killing of Brahma are also destroyed.
 *Pradosh Vrat*
 According to the Hindu calendar, Pradosh fast is observed on the Trayodashi tithi of both the sides of every month. This fast is done to please Lord Shiva. This time Pradosh Vrat is on 27th May, Friday. Special worship of Lord Shiva is done on this day. How to fast and worship on Pradosh and what measures can be taken on this day to make you lucky, know…
  * do fast and worship like this *
  On the day of Pradosh fast, after taking bath in the morning, bathe Lord Shankar, Parvati and Nandi with Panchamrit and Gangajal.
  After this, offer bel leaves, scent, rice, flowers, incense, lamp, naivedya (bhog), fruits, betel leaves, betel nuts, cloves, cardamom to God.*
  * - stay fast throughout the day (if not possible, you can do one time fruit) and worship Shiva family in the same way again in the evening.*
  * Offer ghee and sugar to Lord Shiva with barley sattu. Light eight lamps in eight directions.*
  *- Perform aarti of Lord Shiva. Offer prasad to God and break your fast with it. Follow celibacy on that day.*
  *take these measures*
 After getting up early in the morning, after taking bath etc., offer Ardhya to the Sun God with a copper vessel. Be sure to mix the flowers of the figure in the water. The flowers of the figures are especially dear to Lord Shiva. By taking these measures, the blessings of Lord Shiva along with Suryadev also remain and luck can also happen.
 *🔹students make such a resolution🔹*
 Get up in the morning and make a resolution: 'Today I will make good use of my time. I will play with my heart while playing, I will study with my heart while studying, I will work with my heart while working and I will worship and meditate on the giver (God) with all my heart.
 

30/5/2022 Panchang

🌞 आज का हिन्दू पंचांग  🌞
*⛅दिनांक 30 मई 2022*
*⛅दिन - सोमवार*
*⛅विक्रम संवत - 2079*
*⛅शक संवत - 1944*
*⛅अयन - उत्तरायण*
*⛅ऋतु - ग्रीष्म*
*⛅मास - ज्येष्ठ*
*⛅पक्ष - कृष्ण*
*⛅तिथि - अमावस्या शाम 05:00 तक तत्पश्चात प्रतिपदा*
*⛅नक्षत्र - कृत्तिका सुबह 07:12 तक तत्पश्चात रोहिणी*
*⛅योग - सुकर्मा रात्रि 11:39 तक  तत्पश्चात धृति*
*⛅राहुकाल - सुबह  07:35 से 09:16 तक*
*⛅सूर्योदय - 05:54*
*⛅सूर्यास्त - 07:20*
*⛅दिशाशूल - पूर्व दिशा में*
*⛅ब्रह्म मुहूर्त- प्रातः 04:30 से 05:12 तक*
*⛅निशिता मुहूर्त - रात्रि 12.16 से 12:58 तक*
*⛅व्रत पर्व विवरण-  वटसावित्री व्रत, सोमवती अमावस्या, शनि जयंती*
*⛅ विशेष - अमावस्या के दिन स्त्री-सहवास तथा तिल का तेल खाना और लगाना निषिद्ध है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-38)*
*🔹सोमवती अमावस्या :  30 मई 2022🔹 (पुण्यकाल : सूर्योदय से शाम 05:00 तक)*
*🌹इस दिन मौन रहकर स्नान करने से हजार गौदान का फल होता है । सोमवती अमावस्या के दिन तुलसी की 108 परिक्रमा करने से दरिद्रता मिटती है।*
*🌹अमावस्या के दिन ध्यान रखने की बात🌹*
*🌹1. जो व्यक्ति अमावस्या को दूसरे का अन्न खाता है उसका महीने भर का पुण्य उस अन्न के स्वामी/दाता को मिल जाता है।*
*(स्कन्द पुराण, प्रभाव खं. 207.11.13)*
*🌹2. अमावस्या के दिन पेड़-पौधों से फूल-पत्ते, तिनके आदि नहीं तोड़ने चाहिए, इससे " ब्रम्ह हत्या " का पाप लगता है ! -विष्णु पुराण*
*3🌹अमावस्या के दिन तिल का तेल खाना और लगाना निषिद्ध है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-38)*
*🌹4. जमीन है अपनी... खेती काम करते हैं तो अमावस्या के दिन खेती का काम न करें .... न मजदूर से करवाएं |*
*🌹5. जप करें भगवत गीता का ७ वां अध्याय अमावस्या को पढ़ें ...और उस पाठ का पुण्य अपने पितृ को अर्पण करें ... सूर्य को अर्घ्य दें... और प्रार्थना करें " आज जो मैंने पाठ किया ...अमावस्या के दिन उसका पुण्य मेरे घर में जो गुजर गए हैं ...उनको उसका पुण्य मिल जाये | " तो उनका आर्शीवाद हमें मिलेगा और घर में सुख-सम्पति बढ़ेगी |*
*🌹6. कर्जा हो गया है तो, अमावस्या के दूसरे दिन से पूनम तक रोज रात को चन्द्रमा को अर्घ्य दे, समृद्धि बढेगी ।*
*🌹दीक्षा में जो मन्त्र मिला है उसका खूब श्रध्दा से जप करना शुरू करें  , जो भी समस्या है हल हो जायेगी ।*
🌹🏵️💐🕉️🕉️💐🏵️🌹

1/6/2022 panchang

*🌞 ~ आज का हिन्दू पंचांग ~🌞*
*⛅दिनांक 01 जून 2022*
*⛅दिन - बुधवार*
*⛅विक्रम संवत - 2079*
*⛅शक संवत - 1944*
*⛅अयन - उत्तरायण*
*⛅ऋतु - ग्रीष्म*
*⛅मास - ज्येष्ठ*
*⛅पक्ष - शुक्ल*
*⛅तिथि - द्वितीया रात्रि 09:46 तक तत्पश्चात तृतीया*
*⛅नक्षत्र - मृगशिरा दोपहर 01:01 तक तत्पश्चात आर्द्रा*
*⛅योग - शूल रात्रि 01:35 तक  तत्पश्चात गण्ड*
*⛅राहुकाल - दोपहर 12:38 से 02:19 तक*
*⛅सूर्योदय - 05:54*
*⛅सूर्यास्त - 07:21*
*⛅दिशाशूल - उत्तर दिशा में*
*⛅ब्रह्म मुहूर्त- प्रातः 04:29 से 05:12 तक*
*⛅निशिता मुहूर्त - रात्रि 12.16 से 12:59 तक*
*⛅व्रत पर्व विवरण- महर्षि पराशर जयंती*
*⛅ विशेष - द्वितीया को बृहती (छोटा   वैंगन या कटेहरी) खाना निषिद्ध है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*
*🔹गंगा स्नान का फल🔹* 
 *🌹"जो मनुष्य आँवले के फल और तुलसीदल से मिश्रित जल से स्नान करता है, उसे गंगा स्नान का फल मिलता है ।" (पद्म पुराण , उत्तर खंड)*
*🔹संम्पति और सौभाग्य की बढ़ोतरी के लिए🔹* 
 *🌹भविष्य पुराण के अनुसार ज्येष्ठ मास शुक्ल पक्ष के तृतीया के दिन रम्भा व्रत आता है... (02 जून 2022 गुरुवार) इस दिन व्रत करने से और जप करने से संपत्ति और सौभाग्य में बढ़ोतरी होती है | माँ पार्वती ने भी ये व्रत किया था | सुहागन देवियों को खास करना चाहिए ...जिनके घर में शादी के बाद दिक्कतें आ रही हैं, उन बहनों को आप बता सकते हो | इस दिन तीन मंत्र बोल कर माँ पार्वती को प्रणाम करना चाहिए ...*
 *🌹ॐ महाकाल्‍यै नमः*
 *🌹ॐ महालक्ष्म्यै नमः*
 *🌹ॐ महासरस्वत्यै नमः*
 *🔹ससुराल में कोई तकलीफ🔹* 
 *🌹किसी सुहागन बहन को ससुराल में कोई तकलीफ हो तो शुक्ल पक्ष की तृतीया को उपवास रखें … उपवास माने एक बार बिना नमक का भोजन कर के उपवास रखें..भोजन में दाल चावल सब्जी रोटी नहीं खाएं, दूध रोटी खा लें.. शुक्ल पक्ष की तृतीया को.. अमावस्या से पूनम तक की शुक्ल पक्ष में  जो तृतीया आती है, उस दिन ऐसा उपवास रखें …नमक बिना का भोजन (दूध रोटी) , एक बार खाएं बस ।*
 🕉️🚩🌹💐🌲🌲💐🌹🚩🕉️

*🌞 ~ Today's Hindu Panchang ~🌞*
 *⛅Date 01 June 2022*
 *⛅DAY - WEDNESDAY*
 *⛅Vikram Samvat - 2079*
 *Shak Samvat - 1944*
 *⛅ Ayan - Uttarayan*
 *⛅season - summer*
 *⛅ month - eldest*
 * Paksha - Shukla *
 *⛅ date - second night till 09:46 after that Tritiya*
 * Nakshatra - Mrigashira till 01:01 after that Ardra *
 *⛅Yoga - Shool night till 01:35 after that Gand*
 *⛅ Rahukal - from 12:38 to 02:19 in the afternoon*
 *⛅Sunrise - 05:54*
 *⛅Sunset - 07:21*
 *⛅Dishashul - in the north direction*
 * Brahma Muhurta - from 04:29 to 05:12 in the morning *
 *Nishita Muhurta - night from 12.16 to 12:59*
 *⛅Vrat festival details- Maharishi Parashar Jayanti*
 * * Special - Eating Brihati (small wagon or Katehari) is prohibited on the second day. (Brahmavaivarta Purana, Brahma Khand: 27.29-34)*
 *fruits of Ganga bath*
  * "The person who takes bath with water mixed with amla fruit and tulsi dal, gets the fruit of bathing in the Ganges." (Padma Purana, Uttar Khand)*
 *🔹For the increase of wealth and good fortune🔹*
  According to Bhavishya Purana, Rambha fast comes on the third day of Shukla Paksha of Jyeshtha month. Maa Parvati also observed this fast. Suhagan Ladies should do special ... you can tell those sisters who are facing problems after marriage in their house. On this day one should bow down to Maa Parvati by chanting three mantras.
  *Om Mahakalai Namah*
  *Om Mahalakshmyai Namah*
  *Om Mahasaraswatyai Namah*
  *any problem in the in-laws*
  *🌹 if a married sister has any problem in her in-laws' house, then keep fast on the third day of Shukla Paksha…. On the Tritiya of the party.. The Tritiya which comes in the Shukla Paksha from Amavasya to Poonam, keep such a fast on that day… Food without salt (milk bread), eat it once.*
  



Sunday, May 29, 2022

giriraj dharan bhajan

"गिरिराज धरन भजन प्रभु तुम्हारी शरण" #ब्रजभजन
 सपनों को साकार बनाया, कराके कृपा मुझे पास बुलाया,
 मुझे अनात को श्रीनाथ ने, देकर प्रेम सनथ बनाया,
 अपने पतिदेव के साथ चले, मेरी नई पार लगी।
 झाँकी करने को आज मैं, श्रीजी के द्वार चले।
 बहुत दिनों के बाद, मेनरी तकदेर खुले,
 झाँकी करने को आज, मैं श्रीजी के द्वार चले।
 गिरिराज धरन प्रभु तेरी शरणी
 मोर चंद्रिका शीश पे सोहे, श्याम छवी सब का मन मोहे,
 मुझे हाथ से पास बुलावे, कटे हाथ में कमल धारावे,
 मेरे नाथ नगरिया, प्रभु की बगिया, महके गली - गली,
 झाँकी करने को आज, मैं श्रीजी के द्वार चले।
 बहुत दिनों के बाद
 गिरिराज धरन प्रभु तेरी शरणी
 जाकार संमुख बैठा धरूँगी, निरख - निरख छवी दरश करूँगी,
 सेवा कराके श्रीनाथ की, जीवन अपना सफल करोगी,
 माला भी मैं गूठूंगा, चुन-चुन कर काले-काली।
 झाँकी करने को आज मैं, श्रीजी के द्वार चले।
 बहुत दिनों के बाद
 गिरिराज धरन प्रभु तेरी शरणी


भजन "Giriraj Dharan Prabhu Tumhari Sharan" #brajbhajan
sapane ko saakaar banaaya, karake krpa mujhe paas bulaaya ,
mujh anaath ko shreenaath ne , dekar prem sanaath banaaya ,
apane patidev ke saath chalee , meree naiya paar lagee .
jhaankee karane ko aaj main , shreejee ke dvaar chalee .
bahut dinon ke baad , menree takadeer khulee ,
jhaankee karane ko aaj , main shreejee ke dvaar chalee .
giriraaj dharan prabhu teree sharan
mor chandrika sheesh pe sohe , shyaam chhavi sab ka man mohe ,
mujhe haath se paas bulaave , katee haath mein kamal dharaave ,
meree naath nagariya, prabhu kee bagiya, mahake galee – galee,
jhaankee karane ko aaj , main shreejee ke dvaar chalee .
bahut dinon ke baad
giriraaj dharan prabhu teree sharan
jaakar sanmukh baith dharoongee , nirakh – nirakh chhavi darash karoongee ,
seva karake shreenaath kee , jeevan apana saphal karoongee ,
maala bhee main goothoongee , chun – chun kar kalee – kalee .
jhaankee karane ko aaj main , shreejee ke dvaar chalee .
bahut dinon ke baad
giriraaj dharan prabhu teree sharan

Friday, May 27, 2022

भजन नरसिंह जी राम जी

राम नाम गंगा दा सनान सारे बोलो राम राम

राम नाम जप्या धन्ने जट ने
पथरा चो पाए भगवान सारे बोलो राम राम
राम नाम............

राम नाम जप्या मीरा बाई ने
जहर च पाए भगवान सारे बोलो राम राम
राम नाम............

राम नाम जप्या बिलनी माई ने
बेरा च पाए भगवान सारे बोलो राम राम
राम नाम............

राम नाम जप्या द्रौपदी माई ने
सडिया च पाए भगवान सारे बोलो राम राम
राम नाम............

राम नाम जप्या वीर हनुमान ने
हिरदय च पाए भगवान सारे बोलो राम राम
राम नाम.............

नाम जप्या भगत प्रह्लाद ने
खम्बे बिच पाए भगवान सारे बोलो राम राम
राम नाम.............

Kabhi Ram Banke Kabhi Shyam Banke Lyrics in Hindi
कभी राम बनके कभी श्याम बनके,
चले आना प्रभुजी चले आना॥

तुम राम रूप में आना, तुम राम रूप में आना,
सीता साथ लेके, धनुष हाथ लेके,
चले आना प्रभुजी चले आना॥


 
तुम श्याम रूप में आना, तुम श्याम रूप में आना,
राधा साथ लेके, मुरली हाथ लेके,
चले आना प्रभुजी चले आना॥

तुम शिव के रूप में आना, तुम शिव के रूप में आना,
गौरा साथ लेके, डमरू हाथ लेके,
चले आना प्रभुजी चले आना॥

तुम विष्णु रूप में आना, तुम विष्णु रूप में आना,
लक्ष्मी साथ लेके, चक्र हाथ लेके,
चले आना प्रभुजी चले आना॥

तुम गणपति रूप में आना, तुम गणपति रूप में आना,
रीधी साथ लेके, सीधी साथ लेके,
चले आना प्रभुजी चले आना॥

कभी राम बनके कभी श्याम बनके,
चले आना प्रभुजी चले आना॥

यशोमती मैया से बोले नंदलाल

 यशोमती मैया से बोले नंदलाल

 राधा क्यों गोरी


 यशोमती मैया से बोले नंदलाल

 राधा क्यों गोरी मैं क्यों कलां

 राधा क्यों गोरी मैं क्यों कलां

 बोली मुस्कान मैया ललन को बताया

 बोली मुस्कान मैया ललन को बताया

 कारी अंधियारी आधी रात में तू आया:

 लाडला कन्हिया मेरा हो

 लाडला कन्हिया मेरा काली कमली वाला

 इसिलिये कला

 यशोमती मैया से बोले नंदलाल

 राधा क्यों गोरी मैं क्यों कलां

 राधा क्यों गोरी मैं क्यों कलां


 बोली मुस्कान मैया सुन मेरे प्यारे

 बोली मुस्कान मैया सुन मेरे प्यारे

 गोरी गोरी राधिका के नैन कजरारे

 काले नैनों वाली ने हो

 काले नैनों वाली ने ऐसा जादू डाला

 इसिलिये कला

 यशोमती मैया से बोले नंदलाल

 राधा क्यों गोरी मैं क्यों कलां

 राधा क्यों गोरी मैं क्यों कलां


 इतने में राधा प्यारी आई इतलाती

 इतने में राधा प्यारी आई इतलाती

 मैने ना जादू डाला बोली बालखाती

 मैया कन्हैया तेरा हो

 मैया कन्हैया तेरा जग से निराला

 इसिलिये कला

 यशोमती मैया से बोले नंदलाल

 राधा क्यों गोरी मैं क्यों कलां

 राधा क्यों गोरी मैं क्यों कलां


 यशोमती मैया से बोले नंदलाल

 राधा क्यों गोरी मैं क्यों कलां

 राधा क्यों गोरी मैं क्यों कलां
 
हे राम, हे राम, हे राम, हे राम
जग में साचे तेरो नाम । हे राम...

 
हे राम, हे राम, हे राम, हे राम
जग में साचे तेरो नाम । हे राम...

तू ही माता, तू ही पिता है ।
तू ही तू हे राधा का श्याम ।।

तू अर्न्तायामी, सबका स्वमी ।
तेरो चरणों में चारो धाम ।।

तू    ही बिगाड़े, तू ही सवारे ।
इस जग के करे काम ।।

तू ही जग दाता, विश्व विधाता ।
तू ही सुबह, तू ही  शाम ।।

 सत्संग है मानसरोवर,
सुखों की खान बन्दे,
सत्संग से ही मिलते हैं,
सचमुच भगवान बन्दे,
सत्संग है मानसरोवर।

सत्संग से होकर जाता है मंज़िल का रास्ता,
इस मंज़िल के राही को जग से क्या वास्ता,
सत्संग की बहती गंगा, में करके अस्नान बन्दे,
सत्संग से ही मिलते हैं,
सचमुच भगवान बन्दे,
सत्संग है मानसरोवर।

सत्संग ही सच्चा सौदा, सचा व्यापार है,flat
परमार्थ के प्रेमी का ,सत्संग आधार है,murkhi
सत्य ही चीज़ यहाँ पर सच की दुकान बन्दे, lower
सत्संग से ही मिलते हैं,
सचमुच भगवान बन्दे,
सत्संग है मानसरोवर।

दुर्लभ है जिसको ढूँढना तप बल के ज़ोर से,
वो खुद ही खींचे आते हैं सत्संग की डोर से,
सत्संग से ही घुलता है मन का विकार बन्दे,
सत्संग से ही मिलते हैं,
सचमुच भगवान बन्दे,
सत्संग है मानसरोवर।