Showing posts with label #आपसी प्यार बढ़ाता आ रहा है संघ. Show all posts
Showing posts with label #आपसी प्यार बढ़ाता आ रहा है संघ. Show all posts

Tuesday, January 18, 2022

आपसी प्यार बढ़ाता आ रहा है संघ

आपसी प्यार बढ़ाता आ रहा है संघ 

हरदेव सिंह ‘मुसाफिर’ 

विश्व के समस्त हिन्दुओं में, परस्पर प्यार बढ़ाता आ रहा है संघ।

अपने धर्म पर चलने, अच्छे कर्म करने का मार्गदर्शन दिखाता आ रहा है संघ।

सभी धर्मों के लोगों को, समाजसेवी बनने के लिए, प्रेरित करता आ रहा है संघ।

ऊंच-नीच एवं सभी भेदभाव मिटाकर, आपसी सद्भाव बढ़ाता आ रहा है संघ।

देश पर आ जाए कोई संकट, या आपात स्थिति, या छेड़ दे इस पर कोई जंग,

निस्वार्थ सेवा भाव के साथ, हर प्रकार की सहायता पहुंचाता आ रहा है संघ।

जैन, बौद्ध व सिक्ख, वैष्णव पंथ के लोग भी बनते जा रहे हैं, स्वयंसेवक संघ

राष्ट्र सेवा से आत्म-शुद्धि एवं सबको अनुशासन सिखाता आ रहा है संघ।

जीवन-दृष्टि का ज्ञान, नए समाज का निर्माण, नारी शक्ति का सम्मान बढ़ाता आ रहा है संघ।

विभिन्नता में एकता, सभी देशवासियों में जागृति पैदा करता आ रहा है संघ।

वास्तव में सच्चे देशभक्तों का विश्वव्यापी संगठन बनता जा रहा है संघ।

जिस व्यक्ति में उठने लगे राष्ट्र-सेवा की तरंग, वो स्वयं बन जाता है, स्वयंसेवक संघ।

प्रतिकूल परिस्थितियों से निबटने के लिए भी व्यक्तियों में क्षमता पैदा करता आ रहा है संघ।

नए दृष्टिकोण एवं नए अनुभवों से सबको देशभक्त बनने का पाठ पढ़ाता आ रहा है संघ।

हम सबको संगठित करके आगे बढ्ने की प्रेरणा बल-बुद्धि-हिम्मत प्रदान करता आ रहा है संघ।

हमारे विचारों और स्वभावों में अगर अन्तर है, हमें सहनशीलता का सबक पढ़ाता आ रहा है संघ।

जो अपना गया एक बार मिशन संघ, वह खुशी से झूम-झूमकार कहने लगता है – 

मैं केवल हूँ स्वयंसेवक संघ।

देश की आत्मनिर्भरता के लिए आत्मिक ज्ञान-विज्ञान पर प्रतिदिन बल देता आ रहा है संघ।

प्रत्येक व्यक्ति को नेक नीति अपनाने, अच्छे चरित्र निर्माण का पाठ, अपनी शाखाओं में पढ़ाता आ रहा है संघ।

नए समाज का निर्माण, बहुगुनी जीवन-दृष्टि का ज्ञान देता आ रहा है संघ।

केवल योग्यता के आधार पर, प्रभावशाली विवेक पर, उच्च जीवन के आधार पर, 

राष्ट्रीय उच्च अधिकारी बनाता आ रहा है संघ।

 धर्म-ज्ञान, शास्त्र-ज्ञान, इतिहास-ज्ञान, एवं सतोगुण प्रवृत्तियों के मालिक को ही राष्ट्रीय संगठक बनाता आ रहा है संघ।

ऐसी विभिन्न योग्यताओं से भरपूर राष्ट्रीय संगठक भारत को फिर से विश्वगुरु बनाने में लगे हैं, हमारे संग संघ।

हरदेव संघ व्यक्तिगत पूजा नहीं सिखाता, भगवा ध्वज को स्वर्वश्रेष्ठ गुरु मानने पर बल देता आ रहा है संघ।